प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच बातचीत: तनाव कम करने और शांति बहाली पर बल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए जल्द शांति बहाली के लिए कूटनीति और संवाद को रास्ता बताया।


22 जून 2025, नई दिल्ली — भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन (@drpezeshkian) से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने वर्तमान पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और हालिया तनाव को लेकर चिंता जताई।

🔴 क्या है मामला?

पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हाल ही में तनावपूर्ण घटनाएं घटी हैं। क्षेत्रीय संघर्ष, सैन्य झड़पें और कूटनीतिक बयानबाज़ी के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बेचैनी देखी जा रही है। भारत, जो हमेशा से शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है, ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।

📞 मोदी और पेजेशकियन के बीच बातचीत की मुख्य बातें:

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:

“Spoke with President of Iran @drpezeshkian. We discussed in detail about the current situation. Expressed deep concern at the recent escalations. Reiterated our call for immediate de-escalation, dialogue and diplomacy as the way forward and for early restoration of regional peace, security and stability.”

👉 अनुवाद (मुख्य सारांश हिंदी में):

  • दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात पर विस्तृत चर्चा की।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया तनाव को लेकर गहरी चिंता जताई।
  • उन्होंने कहा कि भारत तनाव को कम करने (de-escalation) और बातचीत व कूटनीति (dialogue and diplomacy) को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है।
  • भारत ने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली की अपील दोहराई।

🇮🇳 भारत की विदेश नीति: संतुलन और संवाद

भारत हमेशा से ही विवादित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की नीति अपनाता आया है। ईरान और भारत के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते रहे हैं। ऐसे में यह बातचीत दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

🌍 क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

  • भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर उसकी संवेदनशील और संतुलित कूटनीति को दर्शाता है।
  • यह भी स्पष्ट होता है कि भारत ना सिर्फ एशिया बल्कि वैश्विक शांति प्रयासों में एक सक्रिय भागीदार बन चुका है।
  • भारत का यह बयान उन देशों के लिए भी संदेश है जो बल प्रयोग को प्राथमिकता देते हैं।

🗣 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री मोदी के इस ट्वीट को अब तक:

  • 4.1 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है।
  • 61 हजार से अधिक लोगों ने इसे पसंद किया है।
  • हजारों लोगों ने इसे रीपोस्ट और बुकमार्क किया है।

ट्वीट के नीचे हजारों सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं जिनमें लोगों ने शांति की इस पहल की सराहना की।

🔚 निष्कर्ष:

प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई यह बातचीत केवल दो देशों के बीच का संवाद नहीं, बल्कि एक शांति की अपील है — जो एक अस्थिर होते विश्व में बहुत ज़रूरी है। भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक जिम्मेदार और संतुलित नेतृत्व निभाने को तैयार है।


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